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हम धर्म को चरित्र-निर्माण का सीधा मार्ग और सांसारिक सुख का सच्चा द्वार समझते हैं। हम देश-भक्ति को सर्वोत्तम शक्ति मानते हैं जो मनुष्य को उच्चकोटि की निःस्वार्थ सेवा करने की  ओर प्रवृत्त करती है।
- मालवीय जी

महामना पं0 मदन मोहन मालवीयजी का जीवन परिचय
(1861-1946)

25 दिसम्बर 1861 प्रयाग में जन्म
सन् 1878 मिर्जापुर में कुन्दन देवीजी से विवाह
सन् 1884 कलकत्ता विश्वविद्यालय से बी0ए0 परीक्षा में उत्तीर्ण
जुलाई 1884 इलाहाबाद जिला स्कूल में अध्यापक
दिसम्बर 1886 कलकत्ते में दादा भाई नौरोजी की अध्यक्षता में कांग्रेस का दूसरा अधिवेशन-कौंसिलों मंे प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर भाषण
जुलाई 1887 कालाकांकर में हिन्दोस्थान पत्र का सम्पादन कार्य प्रारम्भ
सन् 1891 हिन्दोस्थान पत्र का सम्पादन छोड़कर प्रयाग में वकालत की पढ़ाई प्रारम्भ
सन् 1892 वकालत की परीक्षा पास करके जिला अदालत में वकालत प्रारम्भ
दिसम्बर 1893 प्रयाग हाई कोर्ट में वकालत
मार्च 1898 संयुक्त प्रान्त (उत्तर प्रदेश) के लेफ्टिनेंट गवर्नर को हिन्दी के सम्बन्ध में ज्ञापन
सन् 1902-1903 मालवीयजी के प्रयास से प्रयाग में हिन्दू बोर्डिंग हाउस का निर्माण
सन् 1904 हिन्दू विश्वविद्यालय स्थापना की योजना
सन् 1905 कांग्रेस अधिवेशन (बनारस) में इस योजना की घोषणा, सनातन धर्म महासभा के अधिवेशन में इसका प्रस्ताव पारित
सन् 1903-1912 प्रान्तीय कौंसिल की सदस्यता - मालवीयजी द्वारा कौंसिल में प्रान्त की महत्वपूर्ण सेवा
जनवरी 1906 कुम्भ के अवसर पर प्रयाग में मालवीयजी द्वारा आयोजित सनातन धर्म महासभा का अधिवेशन। उदार सनातन धर्म का प्रचार। काशी में भारतीय विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय।
सन् 1907 मालवीयजी के सम्पादकत्व में अभ्युदय का सम्पादन, लोकतान्त्रिक सिद्धान्तों और उदार हिन्दू धर्म का प्रसार
सन् 1908 प्रांतीय राजनीतिक सम्मेलन (लखनऊ) के सभापति
सन् 1909 प्रयाग में मालवीयजी के सम्पादकत्व में लीडर पत्र का प्रकाशन
सन् 1910 का प्रेस ऐक्ट विरोध
अक्टूबर 1910 हिन्दी साहित्य सम्मेलन के प्रथम अधिवेशन में अध्यक्षीय भाषण
28 नवम्बर 1911 हिन्दू यूनिवर्सिटी सोसाइटी का गठन
दिसम्बर 1911 पचास वर्ष की आयु होने पर वकालत का त्याग, सारा जीवन राष्ट्र की सेवा में बिताने का दृढ़ संकल्प, काशी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विशेष प्रयत्न करने का निर्णय
फरवरी 1915 मालवीयजी की अध्यक्षता में प्रयाग सेवा समिति का गठन
अक्टूबर 1915 काशी हिन्दू विश्वविद्यालय बिल पारित
4 फरवरी 1916 काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का शिलान्यास समारोह
सन् 1918 सेवा समिति द्वारा स्काउट एसोसिएशन का गठन
दिसम्बर 1918 दिल्ली में कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन की अध्यक्षता
फरवरी 1919 रौलेट बिल पर कौंसिल में बहस। कौंसिल से इस्तीफा।
19 अप्रैल 1919 बम्बई में मालवीयजी की अध्यक्षता में हिन्दी साहित्य सम्मेलन का अधिवेशन
सन् 1910-1920 भारतीय कौंसिल में सदस्यता तथा योगदान
16 दिसम्बर 1922 लाहौर में हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द पर भाषण
जनवरी 1924 असेम्बली में मालवीयजी और जिना द्वारा इंडिपेंडेंट पार्टी का गठन। उसके बाद स्वराज्य पार्टी से मिलकर नेशनलिस्ट पार्टी का गठन।
अगस्त 1926 मालवीयजी और लाजपतराय के नेतृत्व में कांग्रेस इंडिपेंडेंट पार्टी का गठन
दिसम्बर 1929 काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में दीक्षान्त भाषण। विद्यार्थियों को देश-सेवा और राष्ट्रीयता का उपदेश।
2 अप्रैल 1930 असेम्बली से इस्तीफा।
5 अप्रैल 1931 कानपुर में हिन्दू-मुस्लिम एकता पर भाषण
सन् 1931 महात्मा गांधी के साथ लन्दन में गोल मेज कान्फ्रेंस में भागीदारी
मार्च 1932 वाराणसी में मालवीयजी की अध्यक्षता में अखिल भारतीय स्वदेशी संघ का संगठन।
20 अप्रैल 1932 कांग्रेस का दिल्ली अधिवेशन। मनोनीत अध्यक्ष मालवीयजी की गिरफ्तारी।
अगस्त 1934 काशी में गांधीजी की सभा में हरिजनोद्धार पर भाषण
जनवरी 1936 प्रयाग मंे मालवीयजी के नेतृत्व मंे सनातन धर्म महासभा का अधिवेशन अन्त्यजोद्धार पर प्रस्ताव
सन् 1938 कायाकल्प
नवम्बर 1939 काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के आजीवन रेक्टर नियुक्त
जनवरी 1942 काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की रजत जयन्ती, गांधीजी का दीक्षान्त भाषण
12 नवम्बर 1946 निधन
Biography
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    Mahamana with Gandhiji
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